बॉलीवुड एक्ट्रेस और मॉडल urvashi rautela जहां अपनी खूबसूरती को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। वहीं उनका नाम विवाद से भी जुड़ा रहता है। बता दें कि एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ED ने एक्ट्रेस को नोटिस भेजा है। बता दें कि यह मामला बेटिंग ऐप 1XBet से जुड़ा हुआ है। यह पहली बार नहीं है इससे पहले ही सट्टेबाजी के प्रमोशन के मामले में एक्ट्रेस से पूछाताछ की जा चुकी है।

पूरा मामला संक्षिप्त
- उर्वशी रौतेला और अन्य सेलिब्रिटीज के प्रमोशन्स, मनी ट्रांसफर, टैक्स वेंडिंग को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग ऐंगल की जांच।
- ED ने 1xBet सट्टेबाजी ऐप के प्रमोशनल नेटवर्क व सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को टार्गेट किया।
- सरकार ने हाल ही में ऑनलाइन बेटिंग को अवैध घोषित किया और प्लेटफॉर्म्स को बड़े पैमाने पर ब्लॉक किया है।
- कई सेलिब्रिटीज/स्पोर्ट्स स्टार्स से पूछताछ हो चुकी है।
इन दिन ईडी मुख्यालय में होना होगा पेश
बता दें कि इस मामले में सिर्फ अकेली urvashi rautela ही नहीं फंसी हैं बल्कि उनके साथ नाम आया है मिमि चक्रवर्ती का। बता दें कि मिमि एक्ट्रेस होने के साथ ही बंगाल की राजनीति में सक्रिय सांसद हैं। ED मिमि से भी पूछताछ करेगी, वहीं बात उर्वशी की करें तो उन्हें 16 सितंबर को ED के मुख्यालय दिल्ली में पेश होने का आदेश दिया गया है। जबकि मिली को ईडी ने 15 सितंबर को बुलाया है। सट्टेबाजी ऐप को लेकर पूछताछ पहली बार नहीं हो रही है एक साल से एक्ट्रेस इस मामले में फंसी हैं। इस मामले को लेकर एक्ट्रेस के पास कई बार समन आ चुका है। ना सिर्फ उर्वशी बल्कि तमाम फिल्म स्टार्स और क्रिकेटर्स को भी कई बार पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय बुलाया जा चुका है।
इस सितारों का भी आ चुका है नाम
सट्टेबाजी प्रचार को लेकर तमाम हस्तियां ईडी की रडार पर आ चुके हैं। इस लिस्ट में बॉलीवुड और साउथ के हिट एक्टर प्रकाश राज, हैंडसम हंक कहे जाने वाले विजय देवरकोंडा, क्रिकेटर हरभजन सिंह, सुरेश रैना, शिखर धवन, युवराज सिंह समेत तमाम नामी लोगों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।
कैसे करता है ये ऐप काम और क्यों होता है इसे लेकर विवाद
दरअसल ईडी के अधिकारियों ने बताया था कि इस तरह के प्लेटफॉर्म शुरुआत में स्किल बेस्ड गेमिंग के तौर पर निकलकर आते हैं, इनका प्रचार नामी चेहरों से करवाया जाता है। वहीं अपने पसंदीदा सितारों का इसका प्रचार करते देख लोग भी इसे इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन इन ऐप्स की असलियत धोखाधड़ी करना है। इन ऐप्स पर पाबंदी है, लेकिन फिर भी अलग-अलग माध्यमों से ये ऐप्स अपना मकसद पूरा करने में कामयाब हो जाते हैं।